साइबर अपराध, 'डिजिटल अरेस्ट' व विदेश से आई एक्सटॉर्शन धमकी पर लगेगा अंकुश – 'अभेद्य' ऐप एवं 'डबल ओटीपी' प्रणाली लागू
पलवल
पुलिस अधीक्षक पलवल नीतीश अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि हरियाणा पुलिस द्वारा बढ़ते साइबर अपराधों, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाओं, विदेश से आने वाली एक्सटॉर्शन/धमकी भरी कॉल्स व रंगदारी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु अभेद्य' मोबाइल ऐप तथा डबल ओटीपी/ड्यूल ऑथेंटिकेशन प्रणाली दो महत्वपूर्ण पहल की गई हैं जिन्हें जिला पलवल में भी लागू किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक पलवल में बताया कि अभेद्य देश का पहला मोबाइल आधारित सुरक्षा प्लेटफॉर्म है जो नागरिकों को संदिग्ध कॉल्स, धमकी भरे संदेशों, स्टॉकिंग और डिजिटल उत्पीड़न से बचाता है।
यह ऐप विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय, वर्चुअल और अनसेव्ड नंबरों की निगरानी करता है। विदेश से आने वाली संदिग्ध एक्सटॉर्शन कॉल्स को यूजर तक पहुंचने से पहले ही स्वतः रिजेक्ट कर नंबर को ब्लॉक कर देता है। साथ ही संदिग्ध चैट, वॉयस मैसेज व नोटिफिकेशन को डिवाइस से हटा देता है, जिससे नागरिक मानसिक दबाव व भय से सुरक्षित रह सकें।
अभेद्य ऐप के माध्यम से नागरिकों को त्वरित सहायता प्रदान करने के लिए हेल्पलाइन सुविधा भी शुरू की गई है। किसी भी समस्या या जानकारी हेतु उपयोगकर्ता सीधे लैंडलाइन नंबर 01722-930112 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, अधिक सुविधाजनक और त्वरित संचार के लिए 24x7 व्हाट्सऐप सपोर्ट/कालिंग भी उपलब्ध है, जिसका नंबर +91 9056555492 है। यह हेल्पलाइन व्यवस्था नागरिकों को सुरक्षा, मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है, ताकि जरूरत के समय तुरंत सहायता सुनिश्चित की जा सके।
श्री अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में साइबर ठग पीड़ित को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर, फर्जी अधिकारी बनकर या मानसिक दबाव बनाकर स्वयं उससे OTP साझा करवा लेते हैं। विशेषकर 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक इस जाल में फंस जाते हैं।
पहला OTP – वरिष्ठ नागरिक के मोबाइल पर आता है।
दूसरा OTP/पुष्टि कॉल – उनके द्वारा नामित विश्वसनीय परिजन/मित्र के पास जाता है।
लेन-देन तभी पूरा होगा जब दोनों स्तर पर सत्यापन हो जाए। यह प्रणाली ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी घटनाओं में एक "सुरक्षा विराम" (Protective Pause) देती है। जब ठग वरिष्ठ नागरिक पर दबाव बनाता है, तो दूसरा OTP परिजन के पास जाने से परिवार को तुरंत अलर्ट मिल जाता है और धोखाधड़ी रुक जाती है। यह पहल HDFC बैंक के सहयोग से शुरू की गई है और गुरुग्राम व पंचकूला में सफल रहने के बाद अब पलवल में 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए लागू की जा रही है। पुलिस अधीक्षक पलवल ने अपील करते हुए कहा कि कोई भी एजेंसी फोन पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ नहीं करती। विदेशी नंबरों से धमकी/एक्सटॉर्शन कॉल आने पर घबराएं नहीं। तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या डायल 112 पर संपर्क करें। वरिष्ठ नागरिक 'अभेद्य' ऐप का उपयोग करें तथा डबल OTP के लिए अपने विश्वसनीय संपर्क को नामित करवाएं।