माँ की गोद से ज्यादा सुकून दुनिया में कहीं नहीं मिलता - खेल मंत्री गौरव गौतम
पलवल
शहीद धींगड़ा भवन में आयोजित मातृशक्ति दिवस के उपलक्ष में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री गौरव गौतम ने संबोधित करते हुए कहा नारी केवल शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि साहस, संघर्ष और स्वाभिमान की जीवंत मिसाल है। जब महिला अपने अधिकारों, आत्मसम्मान और सपनों के लिए खड़ी होती है, तब समाज की दिशा और दशा दोनों बदलती हैं। आज की नारी हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही है — चाहे सेना हो, खेल, शिक्षा, राजनीति या विज्ञान। सम्मान किसी की दया से नहीं मिलता, सम्मान अपने आत्मविश्वास, संघर्ष और कर्म से अर्जित किया जाता है।
इसलिए हर बेटी, हर बहन और हर महिला को अपनी शक्ति पहचानकर आगे बढ़ना होगा,
क्योंकि —“जहां नारी का होता सम्मान, वहीं बसता है सच्चा इंसान। मंत्री गौरव गौतम ने कहा “महिला सशक्तिकरण केवल एक विचार नहीं,बल्कि एक मजबूत और विकसित समाज की नींव है।” नारी शक्ति त्याग है, साहस, संघर्ष और संस्कार का अद्भुत संगम है।
आज महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और नेतृत्व क्षमता का परिचय दे रही हैं।
सेना से विज्ञान तक, खेल से राजनीति तक और शिक्षा से व्यापार तक, महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि वे किसी से कम नहीं हैं।
भारतीय नारी आज केवल घर की जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की सीमाओं पर दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब देने का साहस भी रखती है।
भारतीय सेना, वायुसेना और नौसेना में महिलाएं अपने अदम्य साहस, नेतृत्व और पराक्रम से देश का गौरव बढ़ा रही हैं। कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह जैसी वीरांगनाएं देश की बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि नारी शक्ति केवल संवेदन शीलता का प्रतीक नहीं, बल्कि रणभूमि में दुश्मनों के हौंसले तोड़ने की ताकत भी रखती है।