बागवानी विभाग पलवल द्वारा किसानों को मशरूम की खेती के लिए किया प्रोत्साहित
पलवल
बागवानी विभाग पलवल द्वारा किसानों को मशरूम की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिला बागवानी अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र राठौर ने बताया कि हरियाणा में मशरूम की खेती के लिए बागवानी विभाग द्वारा 40 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त भूमिहीन किसानों को भी मशरूम की यूनिट लगाने के लिए ट्रे किट के हिसाब से वित्तीय सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि किसान पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करके पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर योजना का लाभ उठा सकते है।
डॉ. पुष्पेंद्र राठौर ने बताया कि मशरूम की खेती करने के लिए अनुसूचित जाति के किसानों को मशरूम की यूनिट लगाने के लिए 51 हजार रुपए की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। यदि किसान 30 ×15 का कमरा बनाकर यूनिट लगाना चाहता है, जिस पर 2 लाख रुपए की लागत आती है तो विभाग द्वारा 1 लाख रुपए की सब्सिडी प्रदान की जाती है। मशरूम की खेती को व्यवसायिक स्तर पर शुरू करने के लिए मशरूम प्रोडक्शन और कम्पोस्ट यूनिट लगाने पर 40 प्रतिशत करीब 12 लाख रुपए तक अनुदान मिल सकता है।
डॉ. पुष्पेंद्र राठौर ने बताया कि मशरूम की खेती करने के लिए किसानों को मशरूम का बीज उत्पादन करने के लिए लैब यूनिट लगाना चाहता है जिसकी लागत 20 लाख रुपए है विभाग द्वारा 8 लाख रुपए की सब्सिडी दी जा रही है। मशरूम की खेती करने के लिए किसानों को बागवानी विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण करना अनिवार्य है। लाभार्थियों का चयन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर होता है। मशरूम की खेती करने वाले किसानों को बागवानी विभाग के मशरूम केंद्रों पर जाकर पांच दिवसीय मशरूम की खेती करने का प्रशिक्षण लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि पलवल जिला में करीब हर साल 20 से 25 किसानों को योजना का लाभ दिया जा रहा है। पलवल जिले में मशरूम की दो एसी यूनिट को अनुदान दिया गया है।उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि मशरूम की खेती के लिए बागवानी विभाग से जुड़े और सरकार की योजनाओं का लाभ उठाऐं।