पूरे भारत में मीडिया कर्मियों को फैमिली कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस देने वाली पहली संस्था बनी एमडब्ल्यूबी
पलवल
मीडिया वेल-बीइंग एसोसिएशन (एमडब्ल्यूबी) रजिस्टर्ड संस्था देशभर के मीडिया कर्मियों और उनके परिवारों के लिए कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस उपलब्ध करवाने वाली पहली संस्था बनने जा रही है। पत्रकारों के कल्याण को समर्पित इस महत्वाकांक्षी योजना को युद्ध स्तर पर लागू किया जा रहा है और आगामी दिनों में इसके भव्य लॉन्चिंग समारोह का आयोजन किया जाएगा। यह पहल मीडिया जगत के लिए ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।
एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी ने बताया कि वर्ष 2025-26 में पत्रकार साथियों और उनके परिवारों के लिए फैमिली कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस योजना लागू की जा रही है। इसके साथ ही पत्रकारों को 10-10 लाख रुपये की टर्म इंश्योरेंस एवं एक्सीडेंटल इंश्योरेंस पॉलिसी भी निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि मीडिया वेल-बीइंग एसोसिएशन ने पत्रकारों की आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह सराहनीय कदम उठाया है। हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों के सैकड़ों पत्रकारों को 10 लाख रुपये की टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी मिलेगी, जो किसी भी असामयिक मृत्यु की स्थिति में परिवार को आर्थिक सहारा प्रदान करेगी। वहीं 10 लाख रुपये की एक्सीडेंटल इंश्योरेंस पॉलिसी दुर्घटना की स्थिति में पत्रकार और उनके परिवार को मजबूत सुरक्षा कवच उपलब्ध करवाएगी।
धरणी ने कहा कि पत्रकारिता आज अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरा पेशा बन चुकी है। ऐसे में स्वास्थ्य और जीवन सुरक्षा बेहद आवश्यक हो जाती है। एमडब्ल्यूबी पिछले पांच वर्षों से लगातार पत्रकारों और उनके परिवारों की सुरक्षा के लिए निःशुल्क बीमा योजनाएं लागू कर रहा है।
उन्होंने बताया कि उत्तर भारत में एमडब्ल्यूबी ऐसा एकमात्र संगठन बनकर उभरा है, जो पत्रकारों से बिना कोई शुल्क लिए कैशलेस मेडिकल सुविधा, टर्म इंश्योरेंस और एक्सीडेंटल इंश्योरेंस जैसी योजनाएं उपलब्ध करवा रहा है। संगठन का उद्देश्य केवल पत्रकारों की आवाज उठाना ही नहीं, बल्कि उनके सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा कवच को मजबूत करना भी है। पत्रकारों व उनके परिवारों को लगातार आर्थिक सहायता चंद्रशेखर धरणी ने बताया कि मीडिया कर्मियों या उनके परिवार के किसी सदस्य के गंभीर बीमारी से ग्रसित होने, अस्पताल में उपचाराधीन रहने अथवा किसी वित्तीय संकट की स्थिति में भी एमडब्ल्यूबी लगातार सहायता प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों से संस्था द्वारा जरूरतमंद पत्रकारों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है, ताकि विपरीत परिस्थितियों में उन्हें राहत मिल सके। एमडब्ल्यूबी केवल बीमा योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं के साथ पत्रकार परिवारों के साथ खड़ा रहने का कार्य भी कर रहा है।
मीडिया वेल-बीइंग एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी ने केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज को संगठन की “रीढ़ की हड्डी” बताते हुए उनका विशेष आभार व्यक्त किया। धरणी ने कहा कि दोनों नेताओं ने संगठन के छोटे से पौधे को विशाल वटवृक्ष में बदलने का कार्य किया है। उनके मार्गदर्शन और सहयोग से एमडब्ल्यूबी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने भविष्य में भी दोनों नेताओं के सहयोग और मार्गदर्शन की अपेक्षा जताई।
पत्रकार हित में लगातार कार्यरत है। एमडब्ल्यूबी
एमडब्ल्यूबी लंबे समय से पत्रकारों के हितों के लिए स्वास्थ्य शिविर, प्रशिक्षण कार्यक्रम और कानूनी सहायता जैसी योजनाएं चलाता आ रहा है। अब इस बीमा योजना के माध्यम से संगठन ने पत्रकार सुरक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। हरियाणा समेत विभिन्न राज्यों में हजारों पत्रकार इस योजना से लाभान्वित होंगे। संगठन को उम्मीद है कि इस योजना के लॉन्चिंग समारोह में प्रदेश और देश के वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति पत्रकारों का मनोबल बढ़ाएगी। अध्यक्ष चंद्रशेखर धरणी ने घोषणा की कि मीडिया कर्मियों को आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जोड़ने के लिए हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पहला प्रशिक्षण शिविर हरियाणा के किसी प्रमुख शहर में तथा दूसरा हिमाचल प्रदेश में ग्रीष्मकाल के दौरान आयोजित किया जाएगा। यह पहल हरियाणा सरकार में ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज के सुझाव पर शुरू की जा रही है।
अनिल विज ने कहा कि यह पहल पत्रकारिता को नई दिशा देने का कार्य करेगी और मीडिया कर्मियों को आधुनिक तकनीकों के अनुरूप तैयार करेगी।