एनडीएमए, एनडीआरएफ, सीआरडीएफ की ओर से बाढ़ बचाव के लिए किया मॉक ड्रिल अभ्यास
पलवल
हरियाणा सरकार द्वारा बृहस्पतिवार को हरियाणा प्रदेश के बाढ़ संभावित जिला पलवल सहित 13 अन्य जिलों में एक साथ बड़े पैमाने पर राज्य स्तरीय बाढ़ मॉक ड्रिल आयोजित की गई। जिला प्रशासन पलवल द्वारा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं उपायुक्त डा. हरीश कुमार वशिष्ठ के कुशल मार्गदर्शन और निर्देशानुसार एनडीआरएफ और सीआरडीएफ सहित अन्य संबंधित विभागों के सहयोग से मोहना-बागपुर पुल के नजदीक पुल के क्षतिग्रस्त होने तथा बाढ़ बचाव व राहत बारे मॉक ड्रिल का सफलतापूर्वक अभ्यास किया गया। जिला प्रशासन द्वारा इस मॉक ड्रिल के जरिए आपदा प्रबंधन व्यवस्था की प्रभावशीलता परखी गई। सीईओ जिला परिषद जितेंद्र कुमार और एसडीएम पलवल भूपेंद्र सिंह एवं नोडल अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने जिला सचिवालय में स्थापित कंट्रोल रूम से बाढ़ राहत एवं बचाव से संबंधित मॉक ड्रिल की मॉनिटरिंग की तथा पूरी बाढ़ बचाव एवं राहत प्रक्रिया की पल-पल की जानकारी ली।
इस मॉक ड्रिल के दौरान मोहना-बागपुर पुल के टूटने पर पैदा हुई बाढ़ में फंसे नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का अभ्यास किया गया। बाढ़ से पैदा हुई जलभराव, पुल क्षति, लोगों के फंसने तथा राहत एवं बचाव कार्यों जैसी संभावित परिस्थितियों का सफलतापूर्वक अभ्यास किया गया। एनडीआरएफ और सीआरडीएफ की ओर से मॉक ड्रिल अभ्यास के माध्यम से नागरिकों को बाढ़ की स्थिति पैदा होने पर सुरक्षित बाहर निकला गया। मॉक ड्रिल अभ्यास में जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी,सरपंचगण और आसपास के क्षेत्रों के ग्रामीण भी शामिल हुए। मॉक ड्रिल के प्रदर्शन के दौरान नाव, मोटर बोट, लाइफ जैकेट, लाइफ बॉय तथा फस्र्ट एड की समुचित व्यवस्था की गई थी।
एसडीएम पलवल एवं मॉक ड्रिल के नोडल अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए मॉक ड्रिल की गतिविधियों की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अभ्यास के दौरान राहत शिविरों की स्थापना, चिकित्सा सुविधाओं, एम्बुलेंस सेवाओं, ट्रैफिक नियंत्रण तथा संचार व्यवस्था का भी परीक्षण किया गया। जिला सचिवालय की पार्किंग में स्टेजिंग एरिया बनाया गया था, जहां मेनपावर सहित बाढ़ बचाव एवं राहत से संबंधित संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। बाढ़ से घायल हुए नागरिकों को रेडक्रॉस के वालंटियर्स द्वारा सीपीआर व प्राथमिक उपचार देकर एंबुलेंस में बैठाकर जिला नागरिक अस्पताल में रेफर किया गया, जहां उनका उपचार किया गया। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ बचाव एवं राहत कार्यों की हर गतिविधि की मॉनिटरिंग की गई, जिसके लिए जिला सचिवालय के कमरा नंबर-4 में कंट्रोल रूम स्थापित किया गया था। कंट्रोल रूम में लाइव ब्रॉडकास्टिंग कैमरों के माध्यम से गतिविधियों पर नजर रखी गई। मॉक ड्रिल में डीआईओ एनआईसी, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, बिजली निगम, रेडक्रॉस, स्वास्थ्य विभाग, ट्रैफिक पुलिस, नगर परिषद पलवल, पशुपालन विभाग, फायर विभाग, हरियाणा राज्य परिवहन पलवल तथा डीआईपीआरओ विभाग सहित अन्य विभागों ने भाग लिया। सभी विभागों ने बाढ़ जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए अपनी-अपनी सेवाओं एवं संसाधनों का प्रदर्शन किया। एसडीएम भूपेंद्र सिंह ने कहा कि यह बाढ़ बचाव एवं राहत मॉक ड्रिल पिछले बाढ़ से मिले अनुभवों के आधार पर जिला की आपदा प्रबंधन क्षमता को और अधिक मजबूत और प्रभावशाली बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि पलवल जिला यमुना नदी के निकट होने के कारण संवेदनशील जिलों की श्रेणी में आता है। ऐसे में बाढ़ जैसी संभावित आपदाओं से निपटने के लिए सभी विभागों को सतर्क एवं तैयार रहना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य संबंधित विभागों की तैयारियों, समन्वय तथा त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण करना था, ताकि वास्तविक आपदा के समय जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
इस अवसर पर जिला परिषद के सीईओ जितेंद्र कुमार, जिला राजस्व अधिकारी, बलराज सिंह दांगी, तहसीलदार दिनेश कुमार, डीडीपीओ उपमा अरोड़ा, जीएम राडवेज पलवल जितेंद्र यादव, इंस्पेक्टर एसडीआरएफ जगदीश, सरपंच बागपुर कृष्णपाल उर्फ गुड्डू भाटी, लेफ्टिनेंट जसकरण सहित अन्य विभागों के संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।