सुख के सारे साधन हैं पर मन को चैन न आए - सन्त नरेश लाल जी महाराज

सुख के सारे साधन हैं पर मन को चैन न आए - सन्त नरेश लाल जी महाराज

पलवल
जवाहर नगर कैम्प पलवल स्थित प्रेम प्रकाश मंदिर में अमेरिका से आए सन्त नरेश लाल जी महाराज ने अपने प्रवचनों में कहा कि इंसान के पास सुख के सारे साधन मौजूद हैं, फिर भी इंसान के मन में चैन नही है। यह जीव साधन और सुख के पीछे तो भाग रहा है। साधनों से सुख का आंकलन किया जा रहा है। परन्तु सुख तो मन के अन्दर ही है। स्वामी जी ने कहा कि यही साधन आगे चलकर दुख का कारण बनते हैं। स्वामी जी ने उदाहरण देकर कहा कि मृग की नाभि में कस्तूरी है। मृग को नाभि से सुगन्ध आ रही है फिर भी मृग भटकता है, सुगन्ध को ढूंढता है, परन्तु उसे बाहर से कहीं भी सुगन्ध नही मिलती। स्वामी जी ने कहा कि व्यक्ति को लालच न करके थोड़े में ही गुजारा करना चाहिए। इंसान को जहां हो, जैसे हो हमेशा प्रसन्न रहना चाहिए। तभी इंसान को सुख व चैन मिलेगा।