पलवल में नकली पनीर-खोवा की बिक्री की सप्लाई, समाधान कोई नहीं

पलवल में नकली पनीर-खोवा की बिक्री की सप्लाई, समाधान कोई नहीं

पलवल
एक ओर जहां दूध-घी और पनीर खाकर आमजन अपने स्वास्थ्य को बचाने का प्रयास करता है वहीं दूसरी ओर यही स्वास्थ्य से भरपूर माने जाने वाला सामान अगर मिलावटी हो तो कई सवाल खड़े हो जाते हैं, बता दें कि उतर प्रदेश से एवं मेवात से दूध पनीर खोवा जैसे खाद्य पदार्थ हरियाणा और दिल्ली में सप्लाई होते हैं ऐसे में इन्हें खाकर स्वयं को स्वस्थ्य रखने का प्रयास करने वाले लोग उल्टे ही अस्पतालों में भर्ती होने के लिए मजबूर हो जाते हैं। ऐसे खाद्य पदार्थ पलवल में भी धड़ल्ले से सप्लाई किए जा रहे हैं । देखने वाली बात तो यह भी है कि इस तरह के सैंपल के रिजल्ट आने में कई दिन लगते हैं। रिपोर्ट सही आ जाए तो ऐसे में अगर पनीर को फिंकवा दिया जाए तो उसका हर्जाना कौन भरेगा और अगर रिपोर्ट गलत आई तब तक वह पनीर कई लोगों के स्वास्थ्य को बिगाड़ने का जिम्मेदार बन चुका होता है। इन हालातों में मौके पर ही खाद उत्पादन के सैंपल का रिजल्ट आने की तकनीक पर काम करना बेहद जरूरी है, ताकि अगर सैंपल फेल हो तो मौके पर ही सारा मिलावटी सामान जप्त हो सके कहीं ऐसा ना हो जब तक रिपोर्ट आए तब तक वह सामान अपना रंग दिखा चुका हो।