भोले के जयकरों से गुंजा पलवल, निरन्तर बढ़ रही है कांवड़ियों की संख्या
पलवल सावन का पवित्र महीना शुरू होने के साथ ही पलवल जिले में कांवड़ यात्रा का उत्साह चरम पर है। इस वर्ष सावन की शुरुआत ही जिले के विभिन्न हिस्सों से हजारों शिव भक्त कांवड़ लेकर हरिद्वार, नीलकंठ, गौमुख और अन्य पवित्र स्थानों से गंगाजल लाने के लिए निकल पड़े। पलवल शहर के मुख्य मार्गों पर कांवड़ियों के जत्थों का जोश देखते ही बनता है। स्थानीय प्रशासन ने यात्रा को सुगम बनाने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल तैनात किए गए हैं, और कांवड़ियों के लिए विश्राम स्थल, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा शिविर लगा कर कांवड़ियों की सेवा की जा रही है। जहां कांवड़िये आराम कर प्रसाद पाने के बाद फिर अपनी कांवड़ लेकर गंतव्य को रवाना हो जाते हैं। आगामी दिनों में कांवड़ियों की बढ़ती संख्या के बाद सड़कों पर भगवा ही भगवा दिखाई देगा। इस वर्ष सावन का महीना 30 जुलाई गुरुवार से शुरू होकर 28 अगस्त शुक्रवार तक रहेगा। मुख्य जलाभिषेक 11 अगस्त को सावन की शिवरात्रि पर होगा और 28 अगस्त को सावन का आखिरी जलाभिषेक होगा। सावन का आखिरी सोमवार 24 अगस्त भी होगा। इस दौरान, भक्त भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए शिवलिंग पर जल चढ़ाएंगे, साथ ही डाक कांवड़ के लिए बड़ी संख्या में कांवड़िये अपनी यात्रा पर निकल चुके हैं।