पलवल में स्थापित किया गया आधुनिक ‘सांझा बाजार’ पोर्टा केबिन - गौरव गौतम
पलवल
हरियाणा सरकार में खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी दिशा में नगर परिषद पलवल द्वारा माल गोदाम रोड स्थित दशहरा ग्राउंड में लगभग 9.60 लाख रुपये की लागत से आधुनिक ‘सांझा बाजार’ पोर्टा केबिन का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। यह केंद्र स्थानीय महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के लिए एक सुव्यवस्थित एवं स्थायी मंच उपलब्ध कराएगा।
खेल मंत्री गौरव गौतम ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। सांझा बाजार इसी सोच का एक महत्वपूर्ण कदम है, जहां स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अपने हस्तनिर्मित उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकेंगी। उन्होंने कहा कि इस आधुनिक पोर्टा केबिन में महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प, पारंपरिक एवं आधुनिक खाद्य उत्पाद, परिधान, सजावटी वस्तुएं, घरेलू उपयोग की सामग्री तथा अन्य स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे महिलाओं को अपने उत्पादों के विपणन के लिए स्थायी स्थान मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी और उन्हें रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त होंगे। खेल मंत्री ने कहा कि यह पहल केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को व्यापक पहचान दिलाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे स्थानीय कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सांझा बाजार स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और स्थानीय उत्पाद एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का माध्यम बनेगा। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनकर अपने परिवार और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकेंगी। हरियाणा सरकार भविष्य में भी स्वयं सहायता समूहों को बेहतर विपणन सुविधाएं, प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि प्रदेश की महिलाएं स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें और राज्य की आर्थिक प्रगति में सक्रिय भागीदारी निभा सकें।