जींद से शुरू हुआ प्रदेशव्यापी ‘खेल पे चर्चा’ अभियान, खिलाड़ियों से गौरव गौतम ने किया सीधे संवाद
पलवल
हरियाणा को देश की खेल शक्ति के रूप में और अधिक मजबूत बनाने तथा प्रदेश के खिलाड़ियों को खेल की तकनीक, खेल विज्ञान, चोट प्रबंधन, उच्च प्रदर्शन और खेल जगत की व्यावहारिक चुनौतियों से रूबरू कराने के उद्देश्य से खेल विभाग, हरियाणा की ओर से शुरू किए गए प्रदेशव्यापी ‘खेल पे चर्चा’ अभियान का पहला आयोजन सोमवार को चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय जींद में हुआ। खेल एवं युवा मामले मंत्री गौरव गौतम की मौजूदगी में आयोजित कार्यक्रम में खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल खिलाड़ियों को खेल मैदान तक सीमित प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें आधुनिक खेल विज्ञान, वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धतियों, चोटों से बचाव, उच्च प्रदर्शन की तकनीकों तथा खेल जीवन की वास्तविक चुनौतियों के बारे में विशेषज्ञ जानकारी उपलब्ध कराना रहा। जींद से शुरू हुआ यह अभियान आने वाले समय में प्रदेश के विभिन्न जिलों तक पहुंचेगा और खेल मंत्री स्वयं खिलाड़ियों से सीधा संवाद करेंगे। कार्यक्रम की शुरुआत खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं खेल स्टाफ के स्वागत और ‘खेल पे चर्चा’ अभियान के परिचय से हुई। इसके बाद परिचयात्मक वीडियो का प्रदर्शन किया गया तथा राष्ट्रगान हुआ। कार्यक्रम में देश और प्रदेश के अनुभवी खेल विशेषज्ञों ने खिलाड़ियों के साथ अपने लंबे अनुभव साझा किए और उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में लगभग चार दशक तक बॉक्सिंग के क्षेत्र में ग्रासरूट से लेकर राज्य एवं एलीट स्तर तक खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने वाले श्री टी.एल. गुप्ता ने ‘Novices to Youth Boxing – Its Development in Haryana’ विषय पर प्रस्तुति दी। उन्होंने शुरुआती स्तर से खिलाड़ी को उच्च प्रदर्शन के स्तर तक पहुंचाने की प्रक्रिया, नियमित प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता और अनुशासन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किसी खिलाड़ी के विकास में शुरुआती प्रशिक्षण की गुणवत्ता और निरंतर अभ्यास की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसी क्रम में PGIMS रोहतक के हेड ऑफ डिपार्टमेंट डॉ. राजेश रोहिला ने खिलाड़ियों को Sports Injury Management के बारे में जानकारी दी। उन्होंने खेल के दौरान होने वाली चोटों से बचाव, चोट लगने पर तत्काल उठाए जाने वाले कदम, उचित उपचार तथा सुरक्षित तरीके से मैदान पर वापसी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने खिलाड़ियों को यह संदेश दिया कि चोट को नजर अंदाज करने के बजाय उसका वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना जरूरी है, ताकि खिलाड़ी लंबे समय तक अपने खेल करियर को जारी रख सकें। कार्यक्रम में भारतीय खेल प्राधिकरण की हाई-परफॉर्मेंस मैनेजर सुश्री पूनम बेनीवाल ने भी खिलाड़ियों से संवाद किया। उन्होंने उच्च प्रदर्शन के लिए आवश्यक तैयारियों, मानसिक मजबूती, प्रशिक्षण की निरंतरता और प्रदर्शन में सुधार के विभिन्न पहलुओं पर मार्गदर्शन दिया। विशेषज्ञों के सत्रों के बीच कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुति भी हुई। गायक विश्वजीत चौधरी ने गायन की प्रस्तुति देकर वातावरण को उत्साहपूर्ण बनाया। कार्यक्रम के दूसरे चरण में पैरा-ओलंपियन खिलाड़ी रामपाल चहल ने ‘Athlete’s Story’ के माध्यम से अपने खेल जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने अपने संघर्ष, मेहनत, चुनौतियों और खेल के प्रति समर्पण की कहानी खिलाड़ियों के साथ सांझा की। उनकी प्रेरणादायक यात्रा ने युवा खिलाड़ियों में आत्मविश्वास और आगे बढ़ने का उत्साह पैदा किया।कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण और आकर्षण का केंद्र खेल मंत्री गौरव गौतम के साथ ‘खेल पे चर्चा’ रहा। खेल मंत्री ने खिलाड़ियों के बीच बैठकर उनसे सीधा संवाद किया और उनके अनुभव, समस्याएं, चुनौतियां तथा अपेक्षाएं जानीं। खिलाड़ियों ने भी खेल सुविधाओं, प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और अन्य विषयों से जुड़े सवाल रखे, जिनका खेल मंत्री ने सीधे जवाब दिया। इस अवसर पर खेल मंत्री गौरव गौतम ने कहा कि ‘खेल पे चर्चा’ केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि खिलाड़ियों को केवल खेल सुविधाएं ही नहीं, बल्कि आधुनिक खेल विज्ञान और विशेषज्ञों का मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन किया है। प्रदेश में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, जरूरत है उन्हें सही दिशा, बेहतर प्रशिक्षण और समय पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन देने की। ‘खेल पे चर्चा’ के माध्यम से सरकार खिलाड़ियों की बात सीधे सुनेगी और उनकी आवश्यकताओं को समझने का प्रयास करेगी। गौरव गौतम ने खिलाड़ियों को मेहनत, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और सकारात्मक सोच के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेल में सफलता एक दिन में हासिल नहीं होती। इसके लिए लंबे समय तक निरंतर मेहनत, धैर्य और अनुशासन की आवश्यकता होती है। उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि वे असफलताओं से घबराने के बजाय उन्हें सीखने का अवसर मानें। खेल मंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश में खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम कर रही है। खिलाड़ियों को खेल विशेषज्ञों, प्रशिक्षकों और वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धतियों से जोड़ना भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
‘खेल पे चर्चा’ के माध्यम से सरकार और खिलाड़ियों के बीच सीधे संवाद की एक नई व्यवस्था भी देखने को मिली। खेल मंत्री ने संकेत दिया कि यह पहल केवल जींद तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में भी ऐसे कार्यक्रमआयोजित किए जाएंगे। इससे स्थानीय स्तर पर खिलाड़ियों की समस्याओं को समझने और उन्हें उचित मंच पर उठाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के अंत में खेल विशेषज्ञों एवं रिसोर्स पर्सन को सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन के बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। जींद से शुरू हुआ ‘खेल पे चर्चा’ अभियान हरियाणा में खेल और खिलाड़ियों के बीच संवाद को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है।