आर्य समाज पलवल शहर में वार्षिक महोत्सव पर चार दिवसीय वेद कथा का शुभारंभ
पलवल
आर्य समाज पलवल शहर के तत्वावधान में वार्षिक महोत्सव के उपलक्ष्य में चार दिवसीय वेद कथा का आयोजन शुरू हो गया है। यह कार्यक्रम 24 सितंबर से 27 सितंबर तक दयानंद वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, पातली गेट पलवल में आयोजित किया जा रहा है। आज प्रातःकालीन सभा का शुभारंभ गायत्री महायज्ञ से हुआ। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य प्रमोद शास्त्री और ओम प्रकाश शास्त्री रहे। एबल कन्या गुरुकुल बहरौला की छात्राओं ने वेद मंत्रों का उच्चारण किया। वैदिक विद्वान एवं भजन उपदेशक पंडित नरेश दत्त जी ने वेदों पर आधारित प्रवचन और भजनों की प्रस्तुति दी।उद्घाटन एवं ध्वजारोहण सत्र के मुख्य अतिथि आर्य जगत के सुप्रसिद्ध भामाशाह ठाकुर विक्रम सिंह रहे। मुख्य वक्ता के रूप में आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश की न्याय सभा के प्रधान न्यायाधीश एवं जेवर एयरपोर्ट नामकरण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. राकेश कुमार आर्य ने संबोधित किया। मुख्य वक्ता डॉ. आर्य ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट का नाम महर्षि दयानंद के नाम पर होने से भारत को गौरवबोध होगा। उन्होंने कहा कि भारत कभी आर्यावर्त कहलाता था और महर्षि दयानंद ने ही हमें भारत की आत्मा के तत्वबोध से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि इतिहास की गलत व्याख्या से हम सच्चाई से वंचित रहे हैं और अब महर्षि दयानंद जैसे महापुरुषों के सम्मान का समय है। मुख्य अतिथि ठाकुर विक्रम सिंह ने कहा कि आर्य समाज को शिक्षा क्षेत्र में क्रांति के लिए तैयार रहना चाहिए। आज बच्चों के बिगड़ते संस्कार चिंताजनक हैं, इसके लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ स्वास्थ्य और चरित्र निर्माण पर ध्यान देना ही आर्य समाज की असली शिक्षा है। इस अवसर पर सभी ने डॉ. आर्य के प्रस्ताव का समर्थन किया कि वेद को राष्ट्रीय धर्म ग्रंथ और मनुस्मृति को संविधानों की आदर्श पुस्तक के रूप में मान्यता देने के लिए केंद्र सरकार से मांग की जाए। कार्यक्रम का संचालन यशपाल मंगला ने किया। मुख्य यजमान डॉ. धर्म प्रकाश आर्य, दिनेश मंगला, अशोक गर्ग रहे। इस अवसर पर आर्य समाज शहर के अध्यक्ष यशवीर आर्य, मंत्री अजय भाटी, केंद्रीय सभा अध्यक्ष जयप्रकाश आर्य, मंत्री राजेश मंगला सहित सैकड़ों गणमान्य लोग और गुरुकुल भादस, मेवात के छात्र उपस्थित रहे।