राहुल गांधी व अन्य नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार प्रदर्शन
पलवल दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राुहल गांधी सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी पलवल के जिलाध्यक्ष नेत्रपाल अधाना के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला सचिवालय परिसर पर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान जिला उपायुक्त की मार्फत महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी सोंपा गया, जिसमें घटना की निष्पक्ष जांच, छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरन्त पद से हटाने की मांग की गई। प्रदर्शन में पूर्व मंत्री करन दलाल एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष उदयभान सहित काफी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद थे और उन्होंने भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान उदयभान ने आतिशी सिंह और संजय सिंह के बयान को लेकर कहा कि आम आदमी पार्टी के पास अब आम तो बचा नहीं है केवल गुठली बची है और पंजाब चुनाव के बाद आम आदमी पार्टी भी कांग्रेस की शरण में आ जाएगी। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का संवैधानिक अधिकार है लेकिन छात्रों पर बल प्रयोग कर उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। देश भर के लाखों छात्र-छात्राएं परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं, पेपर लीक की घटनाओं, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी और प्रशासनिक विफलताओं से परेशान हैं। ऐसे समय में सरकार को युवाओं की समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि उनके शांतिपूर्ण आंदोलन पर बल प्रयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं और उनके अभिभावकों का परीक्षा प्रणाली पर विश्वास कमजोर हुआ है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार युवाओं के अधिकारों और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास के निकट शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी सहित अनेक कांग्रेस सांसदों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया वहीं हरियाणा में चंडीगढ़ स्थित राजभवन का घेराव करने जा रहे प्रदेश प्रभारी संजय दत्त व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह सहित कई विधायकों व वरिष्ठ कांग्रेसजनों को भी गिरफ्तार किया गया। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की। इस दौरान उन्होंने 3 मुख्य मांग रखीं कि देश की शिक्षा एवं परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, निष्पक्षता और गरिमा बनाए रखने में नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें। वहीं देशभर में बार-बार सामने आ रही परीक्षा संबंधी अनियमितताओं, भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही देरी तथा छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर संसद में व्यापक एवं सार्थक चर्चा कराई जाए। इसके अलावा नई दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के विरुद्ध दर्ज सभी एफआईआर तत्काल वापस ली जाएं तथा उनके खिलाफ की गई दमनात्मक कार्रवाई समाप्त की जाए।