विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत बीएलओ घर-घर बांट रहे एन्यूमरेशन फॉर्म - उपायुक्त
पलवल
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर के मार्गदर्शन में मंगलवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन को लेकर जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में बीएलओ द्वारा गणना फार्म बांटने का कार्य जारी रहा।जिला निर्वाचन अधिकारी डा. छिल्लर ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण एवं अद्यतन के लिए जिला में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है, जोकि आगामी 14 जुलाई 2026 तक जारी रहेगा। इस कार्यक्रम के लिए जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के 717 मतदान केंद्रों से संबंधित 717 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर मतदाताओं को एन्यूमरेशन फॉर्म वितरित करना शुरू कर दिया है। इसके बाद मतदाताओं को गणना प्रपत्र भरकर अपने हस्ताक्षर के साथ बीएलओ के पास जमा करवाना होगा, जिस पर रंगीन फोटो भी लगाना अनिवार्य है।
जिला निर्वाचन अधिकारी डा. जयेन्द्र सिंह छिल्लर ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचन पंजीयन अधिकारियों द्वारा 1200 से अधिक मतदाताओं की संख्या वाले मतदाताओं की संख्या वाले मतदान केंद्रों की रेशनलाइजेशन प्रक्रिया 14 जुलाई 2026 से शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया वर्तमान में जिला के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में 707942 मतदाता और 717 मतदान केंद्र हैं। विधानसभा क्षेत्र 82-हथीन में 241225 मतदाता हैं और मतदान केंद्रों की संख्या 251 हैं। विधानसभा क्षेत्र 83-होडल में 197053 मतदाता हैं और मतदान केंद्रों की संख्या 200 हैं तथा विधानसभा क्षेत्र-84 पलवल में 269664 मतदाता हैं और मतदान केंद्रों की संख्या 266 हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिए कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे तथा कोई अपात्र व्यक्ति सूची में दर्ज न होने पाए। अभियान को पूर्ण पारदर्शिता एवं गंभीरता के साथ संचालित किया जाए। उपायुक्त ने बताया कि 21 जुलाई 2026 को मतदाता सूची का प्रारूप (ड्राफ्ट) प्रकाशित किया जाएगा। इसके उपरांत 21 जुलाई से 20 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निपटारा 18 सितंबर 2026 तक किया जाएगा तथा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 22 सितंबर 2026 को किया जाएगा।उपायुक्त ने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान 1 जुलाई 1987 से पूर्व जन्मे नागरिकों को अपनी आयु एवं पहचान संबंधी एक मान्य दस्तावेज प्रस्तुत करना होगा। वहीं 1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्मे व्यक्तियों को अपना एक दस्तावेज तथा माता या पिता में से किसी एक का दस्तावेज देना होगा। इसके अतिरिक्त 2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे आवेदकों को अपना एक दस्तावेज तथा माता-पिता दोनों के एक-एक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। उपायुक्त ने सभी एसडीएम एवं निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए कि बीएलओ द्वारा प्रत्येक घर एवं मतदाता तक पहुंच सुनिश्चित की जाए तथा अभियान को जिले में सफलतापूर्वक संपन्न कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में सभी राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) का भी सहयोग लिया जाए। यह विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 1 जुलाई 2026 को आधार तिथि मानकर संचालित किया जा रहा है। उपायुक्त ने जिला वासियों से भी अपील की है कि वे गणना फार्म को अच्छी प्रकार से भरकर अपने हस्ताक्षर करते हुए बीएलओ को सौंपे।