विशेषज्ञों ने एलएलएम के विद्यार्थियों से साझा किए विधि के विविध आयाम
पलवल श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में शुक्रवार को एलएलएम के विद्यार्थियों के लिए कौशल आरंभ हुआ। विशेषज्ञों की उपस्थिति में लॉ के विविध आयामों पर मंथन किया गया। यूजीसी, मालवीय मिशन टीचर्स ट्रेनिंग सेंटर, केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के निदेशक प्रोफेसर संदीप कुलश्रेष्ठ, कानून-ई के संस्थापक एडवोकेट दिव्यांशु सारस्वत, ट्रांजिट कैंपस की निदेशक प्रोफेसर सुजाता शाही, प्रबंधन संकाय की डीन प्रोफेसर ज्योति राणा और एलएलएम कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर रुचि सक्सेना ने दीप प्रज्ज्वलित कर सत्र का उद्घाटन किया। मुख्य वक्ता के रूप में प्रोफेसर संदीप कुलश्रेष्ठ ने कहा कि कानून का दायरा और उसके आयाम निरंतर बढ़ते जा रहे हैं।अपराध की भी नई श्रेणियां चुनौती के रूप में आगे आ रही हैं। इसी के अनुरूप लीगल स्टडीज़ में भी परिवर्तन आने स्वाभाविक हैं। प्रोफेसर संदीप कुलश्रेष्ठ ने कहा कि यह विशेषज्ञता का दौर है। उसी के अनुरूप अब कानूनी क्षेत्र में भी मल्टी स्किल जरूरी है। उन्होंने लीगल टेक और एआई लॉ से लेकर डिजिटल लिट्रेसी तथा साइबर क्राइम सहित विभिन्न विषयों पर प्रभावी तरीके से प्रकाश डाला। प्रोफेसर संदीप कुलश्रेष्ठ ने कहा कि श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय कानून के इन विविध आयामों पर स्किल के दृष्टिकोण से अध्ययन करवाएगा। इससे एलएलएम के विद्यार्थियों के लिए व्यापक संभावनाएं बढ़ जाएंगी। कानून-ई के संस्थापक एडवोकेट दिव्यांशु ने कहा कि लॉ के क्षेत्र में डिजिटलाइजेशन तेजी से बढ़ रहा है। कानून के क्षेत्र में स्किल डेवलपमेंट की अथाह संभावनाएं हैं। एडवोकेट दिव्यांशु ने कहा कि विधि के क्षेत्र में सफलता स्किल सेट पर निर्भर करती है। हमें लॉ के डिजिटल आयामों पर काम करने के लिए तैयार रहना होगा। एडवोकेट दिव्यांशु ने एलएलएम के विद्यार्थियों के साथ कई महत्वपूर्ण अनुभव भी साझा किए। ट्रांजिट कैंपस की निदेशक प्रोफेसर सुजाता शाही ने कहा कि एसवीएसयू का उद्देश्य स्किलिंग और रि-स्किलिंग करना है। उन्होंने एलएलएम के विद्यार्थियों के साथ लॉ के दृष्टिगत नैतिक मूल्यों पर चर्चा की और इस क्षेत्र के विभिन्न विषयों पर प्रकाश डाला। प्रबंधन संकाय की डीन प्रोफेसर ज्योति राणा ने कहा कि कानून के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। एलएलबी के बाद विद्यार्थी एलएलएम से अपने फ़लक को और अधिक व्यापक कर सकते हैं। इससे उनके करियर में अच्छा निखार आएगा। एलएलएम कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर रुचि सक्सेना ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कौशल आरंभ के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला और अंत में सभी अतिथियों का आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर डॉ. रीटा गर्ग, डॉ. अनुपमा सिंह और डॉ. अनमोल शर्मा सहित एलएलएम के विद्यार्थी उपस्थित रहे।