संगठन से सत्ता तक, तेजस्वी सूर्या के सानिध्य में गौरव गौतम का प्रेरणादायक सफर
पलवल
राजनीति में कई सफर होते हैं, पर कुछ सफर सिर्फ पदों की कहानी नहीं, बल्कि समर्पण और सीख की मिसाल बन जाते हैं। हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम का सफर भी ऐसा ही है, जो भारतीय जनता युवा मोर्चा के एक कार्यकर्ता से शुरू होकर आज राज्य सरकार की जिम्मेदारी तक पहुंचा है। इस सफर की सबसे बड़ी प्रेरणा उन्हें मिली भारतीय जनता युवा मोर्चा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या के नेतृत्व में। राष्ट्रीय सचिव के रूप में गौरव गौतम ने देश के कोने-कोने में संगठन को मजबूत किया। महाराष्ट्र और मुंबई जैसे जटिल राजनीतिक क्षेत्र का प्रभार संभालना उनके लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था। वहीं उन्होंने सीखा कि संगठन की असली ताकत कार्यकर्ताओं और जनता से जुड़ाव में है। वर्ष 2024 में पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए पलवल विधानसभा से उम्मीदवार बनाया। जमीन से जुड़े जनसंपर्क और युवाओं के बीच लोक प्रियता के कारण जनता ने उन्हें लगभग 35 हजार मतों से विजयी बनाया। यह जीत केवल चुनावी आंकड़ा नहीं थी, बल्कि वर्षों की संगठनात्मक मेहनत का परिणाम थी। जीत के बाद हरियाणा सरकार में उन्हें खेल मंत्री की जिम्मेदारी मिली। युवा मोर्चा में सीखी ऊर्जा और अनुशासन आज उनके काम में दिखता है। उनका मानना है कि हरियाणा की पहचान खेलों से है और युवाओं को सही मंच देना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
तेजस्वी सूर्या के साथ बिताया समय गौरव गौतम के लिए आज भी मार्गदर्शक है। संगठन, नेतृत्व और जनसेवा का जो पाठ उन्होंने युवा मोर्चा में पढ़ा, वही आज हरियाणा के युवाओं और खिलाड़ियों के लिए नई संभावनाएं गढ़ रहा है। एक सामान्य कार्यकर्ता से मंत्री तक का यह सफर संदेश देता है - यदि मेहनत, निष्ठा और संगठन के प्रति समर्पण हो, तो रास्ते खुद बनते चले जाते हैं।